indian railway
Fact : देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेल में आपने कभी न कभी सफर ज़रूर किया होगा। यदि नहीं भी किया होगा तो आप कम से कम किसी रेलवे स्टेशन तो ज़रूर गए होंगे, जहां आपने देखा होगा कि रेलवे स्टेशन के नाम हमेशा पीले रंग के साइनबोर्ड पर ही लिखे होते हैं। लेकिन शायद आपने कभी इस बात को जानने की कोशिश नहीं की होगी कि ऐसा क्यों होता है?
आपको बता दें कि पीला रंग मुख्य रूप से सूर्य की चमकदार रोशनी पर आधारित है. पीले रंग का सीधा कनेक्शन खुशी, बुद्धि और ऊर्जा से जुड़ा हुआ है. भीड़भाड़ वाले इलाके में पीले रंग का बैकग्राउंड बाकी रंगों के मुकाबले काफी अच्छा काम करता है. इसके अलावा वास्तुशिल्प और मनोवैज्ञानिक कारकों को ध्यान में रखते हुए भी ज्यादातर इसी रंग का इस्तेमाल किया जाता है. पीले रंग के बैकग्राउंड पर काले रंग की लिखाई सबसे ज्यादा प्रभावशाली होती है, इसे साफतौर पर दूर से भी देखा जा सकता है.
लाल रंग के बाद पीले रंग की वेवलेंथ ही सबसे ज्यादा होती है। इसे भी दूर से देखा और पहचाना जा सकता है। इसी वजह से स्कूल बसों को पीले रंग में रंगा जाता है। ताकि उसकी तरफ लोगों का अटेंशन बना रहे। यही नहीं पीले रंग को बारिश, कोहरा या धुंध में भी पहचाना जा सकता है। पीले रंग का लैटरल पेरीफेरल विजन पीले रंग की तुलना में लगभग सवा गुना ज्यादा होता है।
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03/19/2025 548 -
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